श्रोता मित्रों, पॉडभारती का आठवाँ एपीसोड अब पॉडभारती डॉट कॉम पर आपके लिये उपलब्ध है। अंक का संचालन किया है देबाशीष चक्रवर्ती ने। पॉडभारती के इस अंक में आप सुन सकते हैं
- भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद लड़ रहे कर्नाटक के एक वरिष्ठ आई.ए.एस अधिकारी विजयकुमार की पत्नी श्रीमती जयश्री के अदम्य साहस की कथा, जिसने अपने पति का केवल साथ ही नहीं दिया, बल्कि इससे एक कदम बढ़कर भ्रष्ट सफेदपोश गुंडों से उनकी जान की रक्षा के लिये इंटरनेट पर बनाया एक अनोखा दुर्ग।
- लोकप्रिय हिन्दी चिट्ठाकार उन्मुक्त की प्रभावशाली आवाज़ में सुनिये कैप्टन स्कॉट की डायरी से दक्षिणी ध्रुव के रोमांचक और साहसिक अभियान का वृत्तांत, जो दुर्भाग्यवश स्कॉट के जीवन का अंतिम अभियान भी सिद्ध हुआ। और अंत में,
- ब्लॉगरों के लेखन में मदद कर उसमें निखार लाने की एक ब्राउज़र आधारित जुगत ज़ेमांटा के बारे में रोचक जानकारी।
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कड़ियाँ जिनका पॉडभारती के इस अंक में उल्लेख किया गया:
- श्रीमती जयश्री द्वारा संचालित फाईट करप्शन विकी
- उन्मुक्त द्वारा वर्णित राबर्ट फाल्कन सकॉट की डायरी स्कॉट्स लास्ट एक्सपिडिशन
- ज़ेमांटा (Zemanta) का जालस्थल
अथवा
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11 Comments, Comment or Ping
अभिनव
भाई वाह,
हर बार की तरह इस बार भी ज़बरदस्त. विजय कुमार जी तथा जयश्री जी की रिपोर्ट सुनकर बहुत अच्छा लगा. ऐसे समाचार हमारी मीडिया की आंखों से बच जाते हैं. यदि इंटरनेट का प्रयोग ठीक प्रकार से किया जाए तो और भी अनेक विसंगतियों से निजात पाई जा सकती है. आवश्यकता है सिर्फ़ प्रयास करने की. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ इस मुहिम के लिए बधाईयाँ.
उन्मुक्तजी की आवाज़ और अंदाज़ दोनों पसंद आए. दक्षिणी ध्रुव की यात्रा का वर्णन बड़ा जीवंत रहा. ऐसा लगा मानो ये घटनाएं आंखों के सामने घाट रही हों. बढ़िया प्रस्तुति.
ज़ेमांटा की जानकारी के लिए धन्यवाद.
एक अनुरोध: हमारे ब्लॉगजगत में एक से बढ़ कर एक कवि और व्यंगकार हैं. यदि पॉडभारती में कुछ समय कविता और कुछ समय व्यंग लेख पठन को भी दिया जाए तो एक नया और सुंदर आयाम और जुड़ जाए.
पॉडभारती की पूरी टीम को अनेक शुभकामनाएं.
Apr 3rd, 2008
संजय बेंगाणी
नमस्स्सकार…मैं हूँ भारत के कस्बे से उन्मुक्त….
बहुत खुब. सुन कर मजा आया. अच्छी जानकारी.
Apr 3rd, 2008
प्रमेन्द्र प्रताप सिंह
उन्मुक्त जी की आवाज वाकई काफी अच्छी लगी, जानकारी भी, और पॉड का अंक भी
Apr 3rd, 2008
उन्मुक्त
अरे यह तो मेरा पॉडकास्ट है। मैं नहीं समझता था कि मेरा पॉडकास्ट इतना अच्छा बनाया जा सकता है। आपने मेरे पॉडकास्ट को यहां जगह दी इसके लिये धन्यवाद।
Apr 3rd, 2008
Debashish
अभिनवः अंक सराहने का शुक्रिया! कवियों को कुछ अनूठे रूप में प्रस्तुत करने का तरीका सुझायें, हम ज़रूर प्रयास करेंगे। हम रेडियो नाटकों और रुपकों को पॉडभारती में प्रस्तुत करने के लिये भी प्रयत्नशील हैं। आपकी भागीदारी की प्रतीक्षा रहेगी।
संजय, प्रमेंद्रः शुक्रिया!
उन्मुक्त जीः यह तो हमारे लिये हर्ष की बात है कि आपका पॉडकास्ट पॉडभारती का हिस्सा बना। आपसे भविष्य में भी योगदान और सक्रीय भागीदारी का अनुरोध है।
May 13th, 2008
rajkumar singh
podbharati pahalee bar sunee.kya baat hai.
Sep 15th, 2008
Reply to “अंक 8 : भ्रष्टाचार विरोध का इंटरनेट एक्सटेंशन”